प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कमनवेल्थ स्पीकर्स सम्मेलन का किया भव्य उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन परिसर में राष्ट्रमंडल देशों के 28वें स्पीकर और अध्यक्षों के सम्मेलन का भव्य उद्घाटन किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने की। इस आयोजन में 42 राष्ट्रमंडल देशों और चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 वक्ता और अध्यक्ष भाग लेने के लिए उपस्थित हुए। यह सम्मेलन लोकतंत्र और संसद के महत्व को समझने तथा देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की भूमिका और भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला।
#WATCH | Delhi | Addressing the 28th CSPOC, Prime Minister Narendra Modi says, "The place where you are all sitting is a very important place. In the last years of slavery, when India's independence had already been decided, it was in this Central Hall that the Constituent… pic.twitter.com/dlIz23ywTd
— ANI (@ANI) January 15, 2026
प्रधानमंत्री मोदी का भाषण: संविधान सभा और लोकतंत्र का स्मरण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत इस बात से की कि वे जिस कक्ष में सभी उपस्थित हैं वह भारत के लोकतांत्रिक सफर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने बताया कि जब भारत के स्वतंत्रता की राह स्पष्ट हो रही थी, तब संविधान सभा इसी सेंट्रल हॉल में बैठकर देश का संविधान तैयार कर रही थी। स्वतंत्रता के बाद के 75 वर्षों तक यह भवन भारत की संसद का मुख्यालय रहा। इस कक्ष में देश के भविष्य से जुड़ी कई अहम चर्चाएं और निर्णय हुए। प्रधानमंत्री ने इस स्थान को ‘संविधान भवन’ नाम दिया क्योंकि यह भारत के लोकतंत्र को समर्पित है। इसके माध्यम से उन्होंने लोकतंत्र के प्रति सम्मान और देश की गौरवशाली विरासत का जिक्र किया।

भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति पर गर्व जताते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने भारत के डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI को विश्व का सबसे बड़ा बताया। इसके अलावा भारत को दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता, दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बताया। विमानन, रेलवे और मेट्रो रेल नेटवर्क के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक स्थिति को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि भारत में लोकतंत्र की खासियत यह है कि इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है, जिससे पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
VIDEO | Delhi: PM Modi (@narendramodi) inaugurates 28th Conference of Speakers and Presiding Officers of the Commonwealth. He says, "In a parliamentary democracy, your role is that of a Speaker. Interestingly, the Speaker does not get to speak much. Their job is to listening… pic.twitter.com/pwSVHk3qKp
— Press Trust of India (@PTI_News) January 15, 2026
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला का भाषण: लोकतांत्रिक संवाद का मंच
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अपने संबोधन में कहा कि भारत, जो विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, में आज हम सभी ने मिलकर लोकतांत्रिक संवाद, सहयोग और साझा मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया है। इस मंच पर हम संसद की प्रथाओं, पहलों और अनुभवों को साझा करेंगे। उन्होंने बताया कि सात दशक से अधिक की parliamentary journey में भारत की संसद ने सार्वजनिक कल्याण के लिए नीतियों के निर्माण के जरिए लोकतंत्र को मजबूत किया है। बिड़ला ने इस अवसर पर सभी देशों के बीच बेहतर समझ और सहयोग की आशा जताई, जिससे लोकतांत्रिक संस्थान और अधिक प्रभावी बन सकें।